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राज्यसभा में लगातार दूसरी बार उपसभापति बने हरिवंश नारायण सिंह



कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) के बीच संसद का मानसून सत्र (Parliament's Monsoon Session) आज से शुरू हो गया है। लगातार 18 दिन चलने वाले इस सत्र के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कोरोना से बचाव के लिए इस बार कई तरह के खास इंतजाम किए गए हैं। सांसदों तथा कर्मचारियों समेत 4000 से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच की गई। मॉनसून सत्र के पहले दिन ही मीनाक्षी लेखी, अनंत कुमार हेगड़े समेत लोकसभा के 24 सांसद कोरोना पॉजिटिव मिले। लोकसभा की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। वहीं, आज राज्यसभा में उपसभापति का चुनाव हुआ। 




राज्यसभा में लगातार दूसरी बार उपसभापति बने हरिवंश नारायण सिंह। राज्यसभा में राजग (एनडीए) के उम्मीदवार का मुकाबला विपक्ष के उम्मीदवार मनोज झा से हुआ । ध्वनि मत से हुए मतदान में हरिवंश ने जीत हासिल की। जगत प्रकाश नड्डा ने "हरिवंस नारायण सिंह " को उपसभापति बनाने का प्रस्ताव पेश किया तो विपक्ष की ओर से गुलाम नबी आजाद ने "मनोज झा" के नाम का प्रस्ताव रखा गया। जेडीयू की तरफ से राज्यसभा सदस्य "हरिवंश" और आरजेडी नेता "मनोज झा" के बीच हुए इस मुकाबले को आगामी बिहार चुनाव से देखा जा रहा है।

कौन हैं हरिवंश नारायण सिंह 

हरिवंश नारायण सिंह का जन्म 30 जून , 1956 को हुआ। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सिताब दियारा गाँव में हुआ। हरिवंश सामाजिक सरोकार की पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं। हरिवंश राजनीति में जयप्रकाश नारायण के आदर्शों से प्रेरित हैं। हरिवंश नारायण सिंह सबसे अधिक जयप्रकश नारायण उर्फ़ जेपी के नाम से विख्यात हैं, उनसे प्रभावित है। 

शिक्षा-दीक्षा एवं जीवनी 

उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए और पत्रकारिता में डिप्लोमा की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही मुंबई में उनका 'टाइम्स ऑफ इंडिया समूह में प्रशिक्षु पत्रकार के रूप में 1977-78 में चयन हुआ। वह टाइम्स समूह की साप्ताहिक पत्रिका 'धर्मयुग में 1981 तक उपसंपादक रहे। हरिवंश 1981-84 तक हैदराबाद एवं पटना में बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी की। 1984 में उन्होंने पत्रकारिता में वापसी की और 1989 अक्तूबर तक आनंद बाजार पत्रिका समूह से प्रकाशित 'रविवार साप्ताहिक पत्रिका में सहायक संपादक रहे।

हरिवंश ने वर्ष 1990-91 के कुछ महीनों तक तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के अतिरिक्त सूचना सलाहकार (संयुक्त सचिव) के रूप में प्रधानमंत्री कार्यालय में भी काम किया। ढाई दशक से अधिक समय तक 'प्रभात खबर' के प्रधान संपादक रहें हरिवंश को नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने राज्यसभा में भेजा। उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता है।

हरिवंश ने कई पुस्तकें लिखी और संपादित की हैं। इनमें 'दिसुम मुक्तगाथा' और 'सृजन के सपने', 'जोहार झारखंड', 'झारखंड अस्मिता के आयाम', 'झारखंड सुशासन अभी भी संभावना है', 'बिहार रास्ते की तलाश' शामिल हैं।

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